क्या बैकग्राउंड में खुले Apps सच में खाते हैं ज्यादा बैटरी? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश

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By news.saerio.com

क्या बैकग्राउंड में खुले Apps सच में खाते हैं ज्यादा बैटरी? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश


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Background Apps Smartphone Tips: स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक आम सवाल जरूर आता है क्या बैकग्राउंड में खुले ऐप्स फोन की बैटरी तेजी से खत्म करते हैं? अक्सर लोग बैटरी बचाने के लिए बार-बार ऐप्स को क्लियर करते रहते हैं लेकिन क्या यह तरीका सही है या सिर्फ एक मिथक? आइए इसकी असली सच्चाई समझते हैं.

बैकग्राउंड ऐप्स कैसे करते हैं काम

जब आप किसी ऐप को बंद करके होम स्क्रीन पर लौटते हैं तो वह पूरी तरह बंद नहीं होता बल्कि बैकग्राउंड में सस्पेंड मोड में चला जाता है. इसका मतलब है कि वह ऐप एक्टिव तौर पर काम नहीं कर रहा होता बल्कि सिस्टम उसे जरूरत पड़ने पर जल्दी खोलने के लिए तैयार रखता है. इस स्थिति में ऐप बहुत कम बैटरी और प्रोसेसर का इस्तेमाल करता है.

क्या सच में ज्यादा बैटरी खर्च होती है?

सीधी बात करें तो ज्यादातर मामलों में बैकग्राउंड में पड़े ऐप्स ज्यादा बैटरी नहीं खाते. असली बैटरी खपत तब होती है जब ऐप लगातार इंटरनेट, लोकेशन, या नोटिफिकेशन जैसी सर्विसेज का इस्तेमाल करता रहता है. उदाहरण के तौर पर सोशल मीडिया या मैप्स ऐप्स बैकग्राउंड में भी डेटा रिफ्रेश करते हैं जिससे बैटरी पर असर पड़ सकता है.

बार-बार ऐप्स क्लियर करना सही या गलत?

कई लोग सोचते हैं कि बार-बार ऐप्स को क्लियर करने से बैटरी बचेगी लेकिन हकीकत इसके उलट है. जब आप किसी ऐप को पूरी तरह बंद करके दोबारा खोलते हैं तो फोन को उसे फिर से शुरू करने के लिए ज्यादा पावर लगानी पड़ती है. इससे बैटरी की खपत और बढ़ सकती है. इसलिए हर बार ऐप्स को क्लियर करना जरूरी नहीं होता.

किन ऐप्स से सच में होता है नुकसान?

कुछ ऐप्स ऐसे होते हैं जो बैकग्राउंड में भी लगातार एक्टिव रहते हैं जैसे फिटनेस ट्रैकिंग ऐप्स, GPS आधारित ऐप्स या मैसेजिंग ऐप्स. ये ऐप्स बैटरी को धीरे-धीरे खत्म कर सकते हैं. ऐसे ऐप्स के लिए बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित करना या जरूरत न होने पर परमिशन बंद करना ज्यादा बेहतर तरीका है.

बैटरी बचाने का सही तरीका

अगर आप सच में अपने स्मार्टफोन की बैटरी बचाना चाहते हैं तो फोकस बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने पर नहीं बल्कि सेटिंग्स को सही तरीके से मैनेज करने पर होना चाहिए. स्क्रीन ब्राइटनेस कम रखना, अनयूज्ड ऐप्स की परमिशन हटाना और बैटरी ऑप्टिमाइजेशन फीचर का इस्तेमाल करना ज्यादा असरदार तरीका साबित हो सकता है. बैकग्राउंड ऐप्स को लेकर जो डर लोगों में है वह पूरी तरह सच नहीं है. सभी ऐप्स बैटरी नहीं खाते बल्कि सिर्फ वही ऐप्स ज्यादा असर डालते हैं जो बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहते हैं.

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