दरअसल, यह पूरा खेल एक खास तरह की ठगी पर आधारित होता है जिसे फिशिंग कहा जाता है. इसमें ठग आपको ऐसा मेल भेजते हैं जो बिल्कुल आपके बैंक जैसा दिखता है. कभी इसमें खाते के बंद होने का डर दिखाया जाता है तो कभी किसी इनाम का लालच दिया जाता है. जैसे ही आप उस मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं आप एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं. यह साइट असली बैंक की वेबसाइट जैसी ही नजर आती है जिससे लोगों को शक नहीं होता. लेकिन जैसे ही आप वहां अपनी जानकारी भरते हैं वह सीधे ठगों के हाथ में पहुंच जाती है.
ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है सतर्क रहना. अगर आपके पास बैंक के नाम से कोई मेल आता है तो उस पर भरोसा करने से पहले उसकी बारीकी से जांच करना बेहद जरूरी है. सबसे पहले उस ईमेल के भेजने वाले पते को ध्यान से देखें. अक्सर नकली मेल किसी अजीब या अनऑफिशियल आईडी से भेजे जाते हैं जो असली बैंक से मेल नहीं खाते. इसके अलावा ऐसे मेल में भाषा की गलतियां या जल्दबाजी में कार्रवाई करने का दबाव भी साफ दिखाई देता है जो एक बड़ा संकेत होता है कि मामला संदिग्ध है.
Published at : 22 Mar 2026 02:05 PM (IST)