iPhone Lockdown Mode: Apple ने अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा दावा किया है जिसने टेक दुनिया का ध्यान खींचा है. कंपनी के मुताबिक, जब उसके खास सिक्योरिटी फीचर Lockdown Mode को ऑन रखा जाता है तब किसी भी iPhone को हैक किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया है. ऐसे समय में जब ऑनलाइन फ्रॉड, डेटा चोरी और साइबर हमले तेजी से बढ़ रहे हैं यह फीचर यूजर्स के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरता है.
Lockdown Mode क्या है और क्यों है खास
Lockdown Mode एक एडवांस सिक्योरिटी फीचर है जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें साइबर हमलों का ज्यादा खतरा होता है. इसमें पत्रकार, एक्टिविस्ट या पब्लिक फिगर जैसे लोग शामिल हो सकते हैं. हालांकि, आम यूजर्स भी इसे अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इस फीचर को साल 2022 में iPhone के साथ-साथ iPad और Mac डिवाइसेज में भी जोड़ा गया था. कंपनी का कहना है कि इस मोड को ऑन करने के बाद अब तक किसी भी Apple डिवाइस के हैक होने की पुष्टि नहीं हुई है.
Lockdown Mode कैसे करता है काम
यह फीचर आपके डिवाइस को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए कई फंक्शन्स को सीमित कर देता है. जैसे ही इसे चालू किया जाता है संदिग्ध मैसेज अटैचमेंट ब्लॉक हो जाते हैं, कुछ वेबसाइट्स पूरी तरह से लोड नहीं होतीं और अनजान लोगों से आने वाले कॉल या इनवाइट्स अपने आप रोक दिए जाते हैं. इसका मकसद साफ है हैकर्स के लिए आपके फोन तक पहुंचना जितना मुश्किल हो सके उतना बनाया जाए भले ही इसके लिए कुछ सुविधाओं में कटौती करनी पड़े.
कैसे करें Lockdown Mode ऑन
अगर आप अपने iPhone में इस फीचर को एक्टिव करना चाहते हैं तो सबसे पहले Settings में जाएं. इसके बाद Privacy & Security सेक्शन खोलें और नीचे स्क्रॉल करके Lockdown Mode का विकल्प चुनें. यहां Turn On Lockdown Mode पर टैप करें और फिर Turn On & Restart को सिलेक्ट करें. इसके बाद पासकोड डालते ही यह फीचर आपके फोन में चालू हो जाएगा.
साइबर खतरों के बीच क्यों जरूरी है यह फीचर
आज के समय में डिजिटल हमले पहले से ज्यादा स्मार्ट और खतरनाक हो चुके हैं. रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कुछ स्पाइवेयर टूल्स Lockdown Mode एक्टिव होने पर हमला करने की कोशिश ही छोड़ देते हैं. इसके अलावा Apple ने अपने यूजर्स को संभावित खतरे के बारे में चेतावनी देने की व्यवस्था भी मजबूत की है. पिछले कुछ सालों में कंपनी ने 150 से ज्यादा देशों के यूजर्स को ऐसे अलर्ट भेजे हैं जिनमें भारत भी शामिल है.
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