आजकल डिजिटल अरेस्ट नाम का फ्रॉड तेजी से फैल रहा है जिसमें ठग खुद को पुलिस या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते हैं. वे झूठा आरोप लगाकर कहते हैं कि आप किसी गंभीर अपराध में फंस गए हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करें. डर और घबराहट में कई लोग उनकी बातों में आ जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में ऐसे मामलों की संख्या लाखों में पहुंच गई और ठगी की रकम भी हजारों करोड़ तक जा पहुंची. बढ़ते खतरे को देखते हुए एक उच्च स्तरीय कमिटी ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में WhatsApp की तरफ से भी अधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपनी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी. सरकार ने साफ कहा कि अब और मजबूत सिस्टम तैयार करने की जरूरत है.
Published at : 21 Mar 2026 12:34 PM (IST)