YouTube Earning: अगर आप कंटेट क्रिएटर हैं तो यूट्यूब से हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं. दुनियाभर में लाखों लोग ऐसा कर भी रहे हैं. अगर आप कंटेट क्रिएट करने की सोच रहे हैं तो यह भी जानना जरूरी है कि यूट्यूब से कमाई कैसे होती है. कैसे यूट्यूब का पे-पर-व्यू सिस्टम काम करता है और कैसे यूट्यूब क्रिएटर को पैसा देती है. आज हम आपके लिए इन सारे सवालों के जवाब लेकर आए हैं.
2007 में हुई थी क्रिएटर्स रेवेन्यू की शुरुआत
यूट्यूब ने 2007 में क्रिएटर्स को रेवेन्यू देना शुरू किया था. पिछले करीब 20 साल से यूट्यूब का यह रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल चला आ रहा है और कोई दूसरी कंपनी अभी तक इसका मुकाबला नहीं कर पाई है. कंपनी को एडवरटाइजर्स और सब्सक्रिप्शन से जो कमाई होती है, उसमें से 55 प्रतिशत क्रिएटर्स, आर्टिस्ट्स और मीडिया कंपनी को चला जाता है. बाकी बचे 45 प्रतिशत से कंपनी अपने ऑपरेशन्स चलाती है.
YouTube से कैसे होती है कमाई?
YouTube से कमाई के लिए क्रिएटर का YouTube Partner Program (YPP) में शामिल होना जरूरी है. अगर आपके चैनल पर 1,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर और 4,000 घंटे से ज्यादा वॉचटाइम है तो आप इस प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं. यूट्यब से कमाई में CPM और RPM का अहम रोल होता है. CPM वह अमाउंट होता है, जो एडवरटाइजर हर 1,000 एड व्यूज के लिए यूट्यूब को देते हैं. भारत में यह लगभग 20-150 रुपये के बीच होता है. RPM की बात करें तो यह Revenue per mille होता है. यह वह पैसा होता है, जो क्रिएटर को 1,000 वीडियो व्यूज के बाद मिलता है. CPM में से यूट्यूब का हिस्सा कटने के बाद RPM आता है.
2 लाख व्यूज आने पर कितनी कमाई हो सकती है?
यूट्यूब इस साल 1,000 व्यूज पर 50-200 रुपये तक दे रही है. कैटेगरी, फॉर्मेट, लोकेशन और ऑडियंस के आधार पर यह कमाई कम-ज्यादा भी हो सकती है. ऐसे में अगर आपके वीडियो पर 2 लाख व्यूज आए हैं तो आपको 10,000-40,000 रुपये तक की कमाई हो सकती है.
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